"एक कागज का टुकड़ा गवर्नर के हस्ताक्षर से नोट बन जाता है,जिसे तोड़ने, मरोडने, गंदा होने एवँ जज॔र होने से भी उसकी कीमत कम नहीं होती...!
ठीक ऊसी तरह आप भी ईश्वर के हस्ताक्षर है,
जब तक आप ना चाहे आपकी कीमत कम नहीं हो सकती,
आप अनमोल है ,अपनी कीमत पहचानिये...!!!"
Comments
Post a Comment